हाजीपुर के लाल प्रमोद भगत ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया.

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Bihar- बिहार के लाल ने देश को एक और सोना टोक्यो में आयोजित पैरालंपिक गेम (Tokyo Paralympics) में दिलाया है. शरद कुमार के बाद अब बिहार के रहने वाले प्रमोद भगत ने देश को चौथा गोल्ड मेडल इस अंतराष्ट्रीय खेल आयोजन में दिलाया है. बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया. 

आपकोजानकर बहुत खुशी होगी प्रमोद बिहार के वैशाली जिला के हाजीपुर प्रखंड के हाजीपुर सदर थाना अंतर्गत शुभई गांव के निवासी हैं फिलहाल वह उड़ीसा में रह रहे हैं।

बिहार के हमारे दो पैरालंपिक खिलाड़ी इस बार टोक्यो खेलने गए थे जहां शरद कुमार जो मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं हाई जंप में कांस्य पदक जीतकर बिहार तथा अपने जिले का नाम रौशन किया वही शुभई के लाल प्रमोद भगत ने गोल्ड मेडल जीतकर अपने बिहार और देश का नाम रौशन किया।

 

आखिर उड़ीसा कैसे पहुंचे प्रमोद बिहार में रहकर क्यों नहीं खेल सके

जानकारी के अनुसार, पिता रामा भगत गांव में रहकर खेती करते थे. प्रमोद जब चार साल के थे तो पोलियो की वजह से उनका बायां पैर खराब हो गया था. पिता की बहन किशुनी देवी की खुद की कोई संतान नहीं थी. ऐसे में उन्होंने अपने नन्हें भतीजे को गोद ले लिया और अपने साथ भुवनेश्वर ले गए. वहीं, वह पढ़ाई करने लगे. इसके बाद ही धीरे-धीरे प्रमोद ने अपने सपना को हकीकत में बदलने का काम किया.प्रमोद भगत ने अपने कम जोड़ी अपना हथियार बनाया और बैडमिंटन खेलने लग गए कड़ी मेहनत के बाद भगत लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे अपने देश को कई मेडल दिलवाए।

गांव में जुटे लोग दे रहे बधाई सोर्स फेसबुक

श्री प्रमोद भगत (गोल्ड मेडल विजेता बैडमिंटन ) ग्राम शुभई ,पंचायत विशुनपुर वसंत के निवासी के पैतृक घर पर स्थानीय मुखिया ब्रह्मदेव राय , डॉ उदय कुमार , समाजसेवी मुकेश कुमार , सुरेश पटेल ,दीपक कुमार , पुष्पांजलि कुमारी समेत सैकड़ो ग्रामीण उनके पिता श्री रामा भगत को बधाई दी ।
पूरे पंचायत में हर्षोल्लास का माहौल है ,समस्त पंचायत के बड़े बुजुर्ग युवा वर्ग इस स्वर्णिम उपलब्धि पर फुले नही समा रहे हैं ।

ग्रामीण लोग खुशी मनाते हुए  सोर्स  सोनू कुमार फेसबुक