अब कोचिंग सेंटर वाले हो जाए सावधान निकल कर आया है।सरकार का नया फरमान

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Bihar वैशाली- अब कोचिंग सेंटर वाले हो जाए सावधान निकल कर आया है।सरकार का नया फरमान।अब कोचिंग सुबह और शाम में ही आप पढ़ा सकते हो।

सुबह 9 बजे से पहले और संध्या 4 बजे के बाद ही कोचिंग संस्थान चलाना है

सुबह 9 बजे से पहले और संध्या 4 बजे के बाद ही कोचिंग संस्थान चलाना है।साथ ही सरकारी और निजी विद्यालय के शिक्षक नही पढ़ा सकते है कोचिंग यदि  पकड़े जाते है तो उन पर कारवाई की जायेगी।साथ ही सभी कोचिंग संस्थानों को कोचिंग संचालन अधिनियम-2010 का अनुपालन करना होगा।

बिहार कोचिंग संस्थान नियंत्रण एवं विनियम अधिनियम 2010  

बिहार कोचिंग संस्थान नियंत्रण एवं विनियम अधिनियम 2010 के प्रावधानों के मुताबिक कोचिंग संचालन के लिए बुनियादी प्रावधान किए गए हैं।मसलन कोचिंग संस्थान का क्षेत्रफल, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी, नामांकन फीस, पाठ्यक्रम पूर्ण करने की अवधि, शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता, समुचित उपस्कर, बेंच डेक्स, पर्याप्त रोशनी, शुद्ध पेयजल,स्वच्छता, अग्निशमन,आकस्मिक चिकित्सा सुविधा, साइकिल या वाहन पार्किंग की व्यवस्था, कोचिंग संस्थानों में होनी चाहिए। यह सब होने के बाद ही उसे विभाग द्वारा निबंधन प्रमाण पत्र दिया जाता है।

विद्यालय अवधि में सुबह 09:00 बजे से संध्या 04:00 बजे तक कोचिंग संचालन बंद रखने का निर्देश

शिक्षा विभाग बिहार, पटना से प्राप्त पत्र के आलोक में वैशाली जिला में विद्यालय अवधि यानी सुबह 09:00 बजे से संध्या 04:00 बजे तक कोचिंग संचालन बंद रखने का निर्देश दिया गया है। विद्यालय अवधि के पहले या बाद में कोचिंग संचालन किया जा सकेगा।
जिलाधिकारी वैशाली श्री यशपाल मीणा के निदेश पर उप विकास आयुक्त वैशाली एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी वैशाली के द्वारा जिला के सभी कोचिंग संचालकों के साथ वैशाली समाहरणालय सभागार में बैठक आयोजित कर कोचिंग संचालन की उक्त जानकारी दी गयी। बैठक में उप विकास आयुक्त ने कहा कि विद्यालयों में छात्रों की शत्-प्रतिशत उपस्थिति को अनिवार्य बनाया गया है और 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति पर मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट का फार्म नहीं भरा जा सकेगा। इसको लेकर शिक्षा विभाग से प्राप्त पत्र के आलोक में सुबह 09:00 बजे से संध्या 04:00 बजे तक कोचिंग संचालन पर रोक लगायी गयी हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालय या निजी विद्यालय का कोई भी शिक्षक या स्टाफ कोचिंग संचालन में हिस्सा नहीं लेंगे। कोचिंग संस्थान के संचालन मंडल में यदि किसी कार्यरत सरकारी कर्मी या पदाधिकारी को रखा गया है तो इसकी जानकारी जिलाधिकारी को देनी है।

सभी कोचिंग संस्थानों को कोचिंग संचालन अधिनियम-2010 का अनुपालन करना होगा

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि सभी कोचिंग संस्थानों को कोचिंग संचालन अधिनियम-2010 का अनुपालन करना होगा। कोचिंग संचालन के लिए पंजीकरण कराना जरूरी है। इसके साथ-साथ जीएसटी नम्बर भी लेना होगा। उन्होंने बताया कि जिला में कुल 314 कोचिंग चलाये जा रहे है जिसमें मात्र एक संस्थान ही पंजीकृत है। वर्तमान में 120 संस्थानों के द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय को आवेदन प्राप्त हुआ है जिस पर जाँच प्रक्रिया चल रही है और अगले एक सप्ताह में इसके पूरा करा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोचिंग संचालन अधिनियम के अनुसार सभी मानकों को पूरा करने वाले संस्थानों को ही अनुमति दी जाएगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि कोचिंग संचालक सरकार के गाईड लाईन एवं प्रोटोकॉल का पालन करें और जरूरी सभी सुविधायें उपलब्ध करायें। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालय के शिक्षक एवं निजी विद्यालय के शिक्षक यदि कोचिंग में पढ़ाते पकड़े जाएंगे तो इसकी जवावदेही उनपर और कोचिंग संचालक पर निर्धारित की जाएगी।